Raanjhanaa | रांझणा- एक प्रेम कहानी | Author- संजना किरोड़ीवाल

Pocket FM

Subscribe in Parasocial

Free on the App Store for iPhone, iPad and Mac. No subscription needed. Once it is installed, tap this link again and the show is yours. Already have it? Open in Parasocial.

About

अबे कोई तो रोक लो इस रांझे को। कोई तो आवाज़ दे दो। पर मेरी लाइफ में कोई नहीं था जो इस रांझे को रोक लेता। वो कहते हैं न, साला वो इश्क़ ही क्या, जिसमे कुर्बानी न हो। इसी तरह उसे चाहना तो मेरे बस में नहीं था, पर उसके लिए मरना मेरे बस में जरूर था। हर इश्क़ की एक अपनी कहानी होती थी, इस इश्क़ भी अपनी एक कहानी थी। कुछ कहानी आपकी भी होगी, कुछ कहानी हमारी भी थी। उसके इश्क़ में रांझा सा बना मैं, गंगा घाट की सीढियाँ तलाशता रहा और एक वो थी जो हमारी लाइफ से ही चली गयी। रांझणा बनारस की प्रेम गलियों में भटकती उस रांझे की अधूरी दास्ताँ हैं।लेखक - संजना किरोड़ीवालशैली - रोमांटिकभाषा - हिंदी

Also on

Recent episodes

  • Raanjhanaa - Episode 1Oct 29, 2019
  • Episode 2Oct 29, 2019
  • Episode 3Oct 29, 2019
  • Episode 4Oct 26, 2019
  • Episode 5Oct 25, 2019
  • Episode 6Oct 24, 2019
  • Episode 7Oct 24, 2019
  • Episode 8Oct 24, 2019
  • Episode 9Oct 23, 2019
  • Episode 10Oct 23, 2019

Website · RSS feed